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कभी अपने ब्लाउस मे से
पेसे निकलवाने के बहाने से हाथ ब्लाउस मे डलवती ओर जब मेरा
हाथ अंदर होता तो मेरा निक्कर नीचे खीच देती ऑफ कभी बेते से
उठ कर खड़ी हो जाती मेरा हाथ ब्लाउस मे फस कर ही रह जाता इस
सब मे 1-2 बार उनके ब्लाउस के बटन भी टूट गये ओर उनके बूब्स
काफ़ी दिख भी जाते थे पर मे फॉरन नज़र घुमा लेता था, कभी
बातरूम मे बुला कर पीठ पे साबुन लगाने के बहाने मुझे अपने
हाथ-पावं उपर तक दिखा देती थी.

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