कहते हुए वो मेरे उपेर घोड़ी बन गयी. उनकी छूट के
चीड़ मेरे मूह के एकद्ूम सामने थे ओर वहाँ से मीठी सी खुश्बू आ
रही थी शायद उन्होने कोई पर्फ्यूम लगाया था. मैने फूक मारनी
शुरू की ओर उधर उन्होने मेरा लॅंड अपने मूह मे ले लिया ओर चूसने
लगी. मई फिर से घबरा गया उन्होने मेरा लॅंड मूह से बाहर किया ओर
बोली फूक मरते रहो मई शहद छत रही हून, फूक मारनी बंद की
तो लॅंड काट लूँगी तुम्हारा.