तुम्हारी मों से कह डून की तुम्हारे लिए अब लड़की ढूँढ
ले. मई शर्मा कर रह गया. उन्होने अपने पेर खोले ओर अपनी छूट को
सहलाते हुए बोली- इसमे उंगली नही लॅंड डालते हैं. उंगलियाँ तो मेरे
पास भी हैं, मई खुद भी दल सकती हून, फिर तुम्हारे लॅंड की क्या
ज़रूरात है. “इसमे लॅंड डालते हैं, कैसे भाभी, ये तो मेरे साथ
जुड़ा हुआ है, कैसे दल सकेंगे इसमे?” मैने पूचछा.