मौसी कुछ बोली नहीं. शरम से उस का चहेरा गुलाबी हो गया. . आच्छी मुस्कान के साथ वो दाँत बीच उंगली काट ने लगी मैं उठ कर उस के पास चला. पाजामा में झुलता मेरा लंड देख वो ज़्यादा शरमाई. जा कर मैं उस की बगल में बैठ गया. उस के कंधे पैर हाथ रख कर मेने कान में पूछा : मौसी, मुझे चोद ने दो गी ना ?
उस ने अपना चहेरा ढक दिया और बोले बिना सिर हिला कर हा कही.