मेरी तो मान की
मुराद पूरी हो रही थी. मैने जल्दी से कपड़े उठाए ओर हम वापस
भाभी के घर पहुच गये. मों ने भाभी से कहा हम काम से बाहर
जेया रहे हैं, वापसी मे शाम हो जाएगी, तुम्हे कहीं जाना ना हो तो
वोनू को यही छोड़ड़ दे या फिर बुआजी के घर पर छोड़ड़ देंगे. भाभी
मुझे देख कर मुस्कुरई, बोली नही मुझे आज कही नही जाना आप इसे
यही छोड़ड़ दो.