मेरा एक
कज़िन ब्रदर जो की डोर के किसी रिस्ते मे मेरा भाई लगता था. वो
रहता था. तो मैने उनका कॉंटॅक्ट नो लिया
और बात की तो मैने भाई को अपने मुंबई का प्रोग्राम बताया और
अपनी परेशानी भी बताई की मैं मुंबई मे
अंजान हूँ तो उसने कहा “डरो मत भाई हम लोग जो यहाँ पर रह रहे हैं,
और कहा की तुम 1 महीने तक हमारे
यहाँ ही रुकना और वो बहुत खुस हुए.