आगे झुक कर मौसी ने लंड का मत्था अपने मुँह में लिया और चुस ने लगी सिर हिला कर लंड को अंदर बाहर कर ने लगी पीछे से पूर्वी बोली : भैया, मैं पकड़ लूं ?
मैने हा कही. अपनी कोमल उंगलियों में लंड की दांडी पकड़ कर वो फिर बोली : भैया, ये तो तन कर लोहे जैसा हो गया है आप को दर्द नहीं होता ?
मैं : ना, दर्द नहीं होता, मझा आता है तू ऐसे, ऐसे मुठ मार.