पेग
बनाकर उसने अपना पालू ठीक किया. हम पेग पीने लगे और मुंबई के विहसे
मे बातें करने लगे. हम लोगो ने
करीब 4-4 पेग पिए. भाभी को नशा होने लगा फिर भी उसने स्माल पेग
और पिया. स्माल पेग पीते ही उसके
कदम लड़खड़ाने लगे. मैने कहा भाभी अब बॅस करो खाना खाते हैं. भाभी
बोली संजय तुम खुद हे खाना लगा लो. . मैने उनेहे किसी तरह खाना खिलाया और खुद भी खा लिया.