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मेरे ज़बान से इतनी गंदी बात निकल तही मेरी छूट और गरमा गयी और ढेर सारा पानी निकाला. मेरी छूट उसकी लंड खाने के लिए फाफरने लगी. मेरे दीमक मे बस एक ही बात घूम रही थी, की कब रमेश का लंड मेरी छूट मे घूसेगा और ह्यूम ज़ोर ज़ोर से छोड़ेगा. मई अपने कप्रों को ढेरे ढेरे से खोलने लगी और एह देख कर रमेश का अनकहीन बाहर की निकालने लगी.

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