अब वो सिर्फ़ ब्रा और पैंटी में थी। मैं सफ़ेद ब्रा में उसके बड़े बड़े मम्मे देख के पागल हो गया। वो बोली- गौरव, जब से तुम्हें अपना यह बड़ा लण्ड हिलाते देखा है, मैं तो इसके लिये पागल सी हो गई हूँ, अब मुझे और ना तड़पाओ !
मैंने तुरंत उसकी ब्रा निकाल दी, उसके गोरे गोरे कबूतर आज़ाद होकर बाहर निकल आये। मैंने धीरे से उस की पैंटी नीचे खिसका दी अब हम दोनों पूरी तरह नंगे खड़े थे।