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मैइनेसंझाया तो वो मान गई और बोली ” बस अक पग वोड्का और दे दो, नशेमैन दर्द कम होगा. फिर भी तुम धीरे धीरे मेरी गंद मैं लॅंड डालना”मैने उसे पग बना के दिये. वो अमित के लॅंड पर बैठी बैठी सरगिलषस अक बार मैं खाली कर गई. माला जब दारू पी रही थी तो मैनेपास से क्रीम उठा कर ढेर सारी अपने लॅंड पर लगा ली. अमित माला कीगंद को फिर से फैला कर बोला ” ऐसा भड़वा पति कही नही मिलेगा ज्ोआप्नी वाइफ की छूट के साथ गंद भी किसी और से मरवा रहा है.

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