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मैं अब तक 3 बार झाड़ चुकी थी. झड़ने के बाद मैं और जोश में आ गयी और ज़ोर ज़ोर से चिल्लाने लगी, “रजत, मुझे अब बर्दस्त नहीं हो रहा है. खूब तेज़ी के साथ अंदर बाहर करो इस मोमबत्ती को मेरी छूट में. ” वो भी जोश में आ गये थे और उनका लुन्ड दूसरी बार फिर से एक दम टन गया था. वो बोले, “शालिनी, मैं भी बहुत जोश में आ गया हून और मेरा लुन्ड फिर से खड़ा हो गया है.

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