वो मेरी छूट में मोमबत्ती को अंदर बाहर जाता हुआ देखने लगे और उनको भी मज़ा आ रहा था. मेरी छूट ने मोमबत्ती को एक दम जाकड़ रखा था. मेरे झड़ने के बाद उन्होने मोमबत्ती को मेरी छूट से बाहर निकाल लिया तो मैं बोली, “रजत, तुमने मोमबत्ती क्यों निकाल ली. प्ल्ज़, कुच्छ देर तक और अंदर बाहर करो. मुझे एक बार और झाड़ जाने दो, प्ल्ज़.
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