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कुछ जवाब देते हुए भी नही बन रहा था कि क्या जवाब दुं। तभी वो हल्का-सा आगे की ओर सरकी और झुकी। आगे झुकते ही उसका आंचल उसके ब्लाउस पर से सरक गया। पर उसने कोई प्रयास नही किया उसको ठीक करने का। अब तो मेरी हालत और खराब हो रही थी। मेरी आंखो के सामने उसकी नारीयल के जैसी सख्त चुचियां जीनको सपने में देख कर, मैने ना जाने कितनी बार अपना माल गीराया था, और जीसको दुर से देख कर ही तडपता रहता था, नुमाया थी।

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