मुझे देखते ही बोली,
“जल्दी से आ, दो रोटी खा ले। फिर रात का खाना भी बना दुन्गी। ”
मैं जल्दी से वहीं मोढे (वुडन प्लेन्क) पर बैठ गया। सामने मां ने थोडी सी सब्जी और दो रोटियां दे दी। मैं चुप-चाप खाने लगा। मां ने भी अपने लिये थोडी सी सब्जी और रोटी निकाल ली और खाने लगी। रसोई घर में गरमी काफि थी। इस कारण उसके माथे पर पसिने कि बुंदे चुहचुहाने लगी।