”
इस पर मां ने फिर जोर दे के पुछा,
“अरे बता तो, आज सारी चीज तेरी पसंद की बनाती हुं। तेरा बापु तो आज है नही, तेरी ही पसंद का तो ख्याल रखना है। ”
तब मैने कहा,
“जब बापु नही है तो, फिर आज केले या बैगन की सब्जी बना ले। हम दोनो वही खा लेन्गे। तुझे भी तो पसंद है, इसकी सब्जी। ”
मां ने मुस्कुराते हुए कहा,
“चल ठीक है, वही बना देती हुं।