About:

“मां की लौड़ी, कहा जा रही है? पढ़ना नहीं है क्या. . . ” अब्बू ने हांक लगाई। “अब्बू, अब्दुल भैया ने बुलाया है. . . अभी आई !” कह कर मैं सीढ़ियों की तरफ़ भाग चली। “चुदवाने जा रही है भेन की लौड़ी . . . । ” रास्ते में मौसा जी ने टोका। “मादरचोद, टोक दिया ना. . . साला रोज़ तो चोदता है और फिर भी लार टपकाता है. .

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*