About:

सामने वही कमरा था जहा अब्दुल या युसुफ़ मेरे साथ मस्ती करते थे। “रात को मस्ती करनी है क्या. . . ?” “नहीं रे ! मेरे तो कल टेस्ट है. . . वैसे एक ही टोपिक है. . . चल बता प्रोग्राम. . . ? ” “देख तुझे पैसे भी मिलेंगे और चुदना भी नहीं है. . . बोल मस्ती करना है?” “भेनचोद कोई जादू है जो बिना चोदे पैसे दे जायेगा?” “देख एक खेल है, उसमें तुझे दो हज़ार रुपया मिलेगा, पांच सौ मेरे.

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*