“बिटिया रानी, कोई सुन्दर सपना देख रही थी ना?”
मैं चौंक गई और मैंने चादर देखते ही समझ लिया कि दादी ने मेरा नंगापन देख लिया है। “दादी मां, वो तो अब… सपने तो सपने ही होते हैं ना !”
दादी मेरे पास बैठ गई और अपने जवानी के किस्से बताने लगी। पर मेरा ध्यान कहीं ओर ही था। भूरा घर के अन्दर से कुछ सामान ले जा रहा था।