. . . ” राज अपने हाथ को उसके शरीर पर फ़िराने लगा, अपनी उंगलियों को उसके बदन के नाज़ुक हिस्सों पर चलाने लगा. रोमा के शरीर मे एक नयी मस्ती छाने लगी. उसे राज की हर्कतों से गुदगुदी होने लगी थी साथ ही चूत मे हलचल भी हो रही थी. “प्लीज़ राज मत करो गुदगुदी हो रही है . . . . आउच. . . . ”
गुदगुदी की वजह से उसकी हंसी छूट रही थी.