राज उसकी भावनायें और उसके प्यार को समझ राहा था. थोडी देर वो सोचता राहा फिर बोला, “मैं क्या करूं?” “को*ई अच्छी सी नौकरी ढूंड कर कर लो. ” रोमा ने काहा, “साथ साथ अपनी आगे की पढा*ई पूरी करो. कुछ ऐसा करो की ज़िंदगी मे फिर पीछे मुड कर देखने की ज़रूरत ना पडे. ”
राज को रोमा पर झल्लाहट होने लगी थी, वो कयीं बार ये भाशण अपने माता पिता के मुँह से सुन चुका था, क्या बुराई थी की अगर वो अब तक कुछ नही कर पा राहा था तो.