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“आराम से रोमा. इतनी जल्दी जल्दी नही, अभी काफ़ी वख्त हमे साथ गुज़ारना है. ” रिया ने उसे चूमते हुए काहा. रोमा अपनी इस नयी सहेली को देख रही थी जिसके दिल मे प्यार ही प्यार भरा था सबके लिये. अंधेरे में एक साया एक घर के पास रुका और सावधानी से उसने यहाँ-वहाँ देखा। सामने के घर की छोटी सी दीवार को एक फ़ुर्तीले और कसरती जवान की तरह उछल कर फ़ांद गया और वहाँ लगी झाड़ियों में दुबक गया।

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