. . । ”
“शायद सो रही है. . . ”
“ओह्ह्. . . तुम सो जाओ वो चोर नहीं है ?”
“तो आण्टी ???”
“वो दिल का चोर है. . . तुम्हारी आन्टी भी ऊपर ही है. . . सो जाओ !” शमा की खनकती हंसी सुनाई दी । कविता ने फोन बन्द कर दिया। ओह्ह्. . . तो यह बात है. . . यह मौसी का यार है !!! अरे ये वही तो नहीं है जो सवेरे चाय पी रहा था।