About:

. . चल बिस्तर पर चुदाई करते हैं !”

” नहीं रे अभी नहीं . . . अभी थोड़ा सा गाण्ड को भी तो मस्ती दे यार !” और उसका लण्ड बाहर निकाल कर पीछे घूम गई और घोड़ी बन कर चूतड़ उभार दिये. . . जैसे ही आशू का लण्ड गाण्ड के छेद रखा. . . कविता सिहर गई। कविता का मन उनकी पूरी चुदाई देखने को हो रहा था, और अब तो ये हालत थी कि उसकी चूत भी फ़डफ़डा उठी थी।

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*