रात को खाना खाने के बाद रूपा अपने कमरे में आराम करने लगी, तभी कविता भी वहाँ पर आ गई। “मौसी, मैं भी आपके पास लेट जाऊं?”
मौसी एक तरफ़ खिसक गई। कविता उनके पास लेट गई। “मौसी, एक बात पूछूँ. . . ये आशू क्या करता है. . . ?” कविता ने धीरे से पूछा। रूपा ने उसकी तरफ़ करवट ली और कहा,”क्यूं क्या बात है . . . है ना सुन्दर लड़का.