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“हो सकता है की वो काहानीयां ना हो, सिर्फ़ डायरी लिखता हो” गीता ने काहा. “हाँ हो सकता है,” रोमा ने इतना काहा ही था की उसने राज को पेड के पीछे से बाहर आते देखा. पैहली बार उसे ऐहसास हुआ की वो पेड के पीछे था, पर वो कर क्या राहा था? उसने सोचा. “शैतान का नाम लो और शैतान हाज़िर है. ” गीता ने हंस्ते हुए काहा, “तुम्हे पता है रोमा अगर ये तेरा भाई मुझे रत्ती भर भी लिफ़्ट देता तो मैं पैहले ही दिन उसे सेन्चुरी बनाने का मौका दे देती.

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