About:

उसकी चूचियां किसी मधुमक्खी के छत्ते की तरह उठी हुई थी जैसे की मखियों को न्योता दे रही हो. उसकी समझ में नही आ राहा था की अगर राज ने उसकी तरफ़ ध्यान दिया और कुछ काहा तो वो क्या करेगी. किंतू राज ने ऐसा कुछ नही किया और उसकी बगल से गुज़रते हुए उसके सर को थप थपाते हुए सिर्फ़ इतना काहा, “अपनी ज़िन्दगी को जीना सीखो और मेरी ज़िन्दगी में दखल देना बन्द करो.

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*