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“रोमा सोच में पड गयी की हे भगवान उसने ये क्या किया. अगर राज ने वो किताब देख ली होगी तो एक बार फिर उसने राज को खो दिया है. वो अपनी रुलाई को रोक ना पायी, उसकी अँखों से तर तर आंसू बैहने लगे. राज का ध्यान अपनी बैहन पर से हटाये नही हट राहा था. जब वो बाहर से आया तो मम्मी ने उससे काहा था की वो जाकर रोमा का धन्यवाद करे क्यों की उसका काम रोमा ने किया था.

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