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अगला धक्का और जोर का मारा और पूरा 8″ जड़ तक सानिया की चूत में घुसेड़ दिया। वो चीख पड़ी- हाय माँ, मर गई रे. . . . । उसकी आँखें बन्द थी और उस जोरदार धक्के के बाद मैं थोड़ा एक क्षण के लिए रुका कि रागिनी की आवाज सुनाई दी- ओह माँ। मैंने आँख खोली, देखा सानिया की दोनों आँखों से एक-एक बूँद आँसू निकल कर गाल पर बह रहे थे, रागिनी साँस रोके अपने हाथों से मुँह ढ़के बिस्तर देख रही थी।

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