. . . मैं भी तुमसे बहुत प्यार करती हूं. ”
हलके हलके नशे के सरूर और प्यार की लौ में दोनो एक दूसारे की ओर बढे और उनके होंठ आपस में एक हो गये. दोनो के बदन एक अन्जानी खुशी में काँप रहे थे. रोमा के होंठों को थोडी देर चूमने के बाद राज उससे अलग हुआ तो दोनो एक दूसारे को देखने लगे. एक अन्जानी खुशी दोनो के मन में समायी हुई थी.