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“दीदी, वो. . . वो. . . अपके कपड़े भी तो कैसे चिपके हुए हैं. . . ” मोनू भी झिझकते हुए बोला। मुझे एकदम एहसास हुआ कि मेरे कपड़े भी तो . . . मेरी नजरें जैसे ही अपने बदन पर गई। मैं तो बोखला गई। मेरा तो एक एक अंग साफ़ ही दृष्टिगोचर हो रहा था। सफ़ेद ब्लाऊज और सफ़ेद पेटीकोट तो जैसे बिलकुल पारदर्शी हो गए थे।

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