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“ओह्ह. . . रिया अब ये मत कैहना की तुम्हे मज़ा नही आया. ” जय ने काहा. “अगर मुझे पैहले से मालुम होता की तुम मेरी गांड मारोगे तो शायद बात अलग होती. ” रिया ने काहा. “अगली बार करने से पैहले मुझसे पूछ लेना, ये नही की जो तुम्हारे मन में आये तुम करोगे. ” “मुझे माफ़ करदो रिया. . . . ” जय ने माफ़ी माँगी, “चलो घर चलते हैं.

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