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फिर मेरे हाथ तुम्हारी चुचियों और निप्पल को मलने लगते हैं. . . . . रोमा को अपने दर्वाज़े पर थोडी आहट सुनाई देती है और देखती है की दरवाज़ा धीरे धीरे खुल राहा है, वो चौँक उठती है और अपने कपडे ठीक करने की सोचती ही है की उसे राज का चैहरा नज़र आता है. वो राहत की साँस लेने लगती है. वो देखती है की राज कमर पर सिर्फ़ एक सफ़ेद टावल लपेटे मुसकुराते हुए कमरे में दाखिल हो राहा है.

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