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राज के जीभ के स्पर्श ने रोमा के शरीर में फिर हलचल पैदा कर दी थी. उसे लगा की जैसे उत्तेजना की ज्वाला उसकी चुचियों से होती हुई उसकी चूत तक पहुँच चुकी है. उसे लगा की जैसे चूत में जोरों की खुजली मच रही है. “तुम्हारी चूत रिस रही है जान. . . ” राज ने काहा. “हाँ शायद. . . . ” एक शैतानी मुस्कुरहत के साथ राज ने अपना मुंह उसकी चुचियों पर से हटा लिया, “नही मैं ऐसी किसी चीज़ पर विशवास नही करता जो मैं खुद ना देख लूं.

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