About:

नसरिमा आँटी उसे पुचकारते हुए बोलीं, “बस. . बस… इतना काफी है… डार्लिंग!” और शेरू को अपनी तरफ़ खींचकर उसे सहलाने लगी। आप लोग यह कहानी मस्ताराम डॉट नेट पर पढ़ रहे है | बेहतरीन ऑर्गैज़म के लुत्फ़ का एहसास करते हुए मैं चार-पाँच मिनट तक आँखें बंद किये लेटी रही। मुझे बेहद तसल्लुत महसूस हो रही थी। जब मैंने आँखें खोलीं तो देखा कि नसरिमा आँटी घुटनों पे बैठी शेरू का लाल गाजर जैसा लंड प्यार से सहला रही थीं।

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