. . क्या किया ?”
“नेहा . . कुछ मत बोलो . . . आज मैं तुम्हे छोड़ने वाला नहीं . . . . मेरी इच्छा पूरी करूँगा . ”
मुझे तो आनंद आ रहा था . . . छोड़ने की बात कहाँ थी. वो तो मैं यूँ ही ऊपर से बोल रही थी. मेरे मन में तो चुदने की ही थी. उसका लंड अब मेरी चूतडों की गहराईयों को चीरते हुए अन्दर बैठने लगा. मैं आनंद से भर उठी.