About:

जय की बात सुनकर उसके मन में जलन की भावना उमड पडी थी, “और मुझे नही लगता की वो तुम्हे पसन्द करती है, अगर करती तो मुझे ज़रूर बताती. ” “पर ये उसका फ़ैस्ला होगा. . . क्यों सही है ना?” जय फिर से धुएं को छोडता हुआ बोला, “जैसे की रिया का फ़ैस्ला था तुम्हे पसन्द करने का और तुम्हारे साथ चली गयी थी मुझे यहीं छोड कर पिछले हफ़्ते.

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*