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कूल्हों की हरकत बढती गई. अलका के होंट ढीले पड़ने लगे और गर्दन पर हाथ कसते गए फ़िर एकदम से ढीले हो गए. अलका के मुह से लम्बी सीत्कार निकली और मेरे ओर्गास्म आने तक वो हिचकियाँ लेने लग गई. हम एक दूसरे को पकड़े जकडे फ़िर निढाल हो गए. १५ -२० मिनिट बाद धीरे धीरे हमारे शरीर में हरकत होने लगी. न चाहते हुए भी हम एक दूसरे से अलग हुए और अपने कपड़े इकठ्ठा करके उनको बदन पर डालने लगे.

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